What is God? By Astrologer Vinod Kumar

ईश्वर क्या है? By Vashikaran Specialist Astrologer Vinod Kumar

आज हम आपके लिए एक ऐसी पोस्ट लेकर आये है जिसके पड़ने से आपको बहुत सारी जानकारी मिलेगी । ये कुछ प्रश्न और उसके उत्तर है, ईश्वर के बारे में । ईश्वर क्या है? उसका स्वरूप कैसा है? उसके गुण क्या है?

ईश्वर के बारे में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी धारणा है । कोई ईश्वर को कुछ कहता है तो कोई कुछ । ये कुछ निचे प्रश्न और उसके उत्तर है जो आपकी इस जिज्ञासा को शांत करेगे|

प्रश्न – संसार की रचना किसने की है?
उत्तर – संसार की रचना ईश्वर ने की है ।

प्रश्न – ईश्वर साकार है या निराकार?
उत्तर – ईश्वर निराकार है, उसकी कोई मूर्ति या आकार नही होता । अतः वह साकार नही है । वैदिक धर्मी ईश्वर को निराकार ही मानते है, जबकि कुछ लोग उसे साकार मानते है ।

प्रश्न – ईश्वर का स्वरूप क्या है?
उत्तर – ईश्वर के स्वरूप और विविध गुणों का वर्णन स्वामी दयानंद जी ने आर्यसमाज के दूसरे नियम में किया है । उनमे से मुख्य है – ईश्वर सर्वव्यापक अर्थात सब जगह विद्यमान (रहने वाला) है । वह सर्वज्ञ अर्थात सब कुछ जनता है । वह सर्वशक्तिमान अर्थात अपने कार्यो को करने में किसी की सहायता नही लेता । वह नित्य अर्थात हमेशा रहने वाला है । इस प्रकार ईश्वर सर्वव्यापक, सर्वज्ञ, नित्य आदि विशेषणों वाला है । यही इसका महान स्वरूप है ।

प्रश्न – ईश्वर के अन्य गुणों का वर्णन कीजिये ।
उत्तर – ईश्वर एक है और चेतन है । वह आनंदस्वरूप है । सर्वान्तर्यामी और सर्वाधार है । वह दयालु है । वह न्यायकारी है । वह अनादि है अर्थात हमेशा रहता है, अतः अमर है ।

प्रश्न – ईश्वर कितने है ?
उत्तर – ईश्वर एक ही है जो सब जगह व्यापक है । सब कुछ जानने वाला और सर्वशक्तिमान है ।

प्रश्न – ईश्वर के कितने नाम है ?
उत्तर – ईश्वर के असंख्य नाम उसके गुणों के आधार पर है । उसे विद्वान् लोग अनेक नामो से पुकारते है । कहा है – “एकं सद्विप्रा बहुदा वदन्ति । ” उस एक ईश्वर को विद्वान् लोग अनेक नामो से पुकारते है।

प्रश्न – ईश्वर को याद रखने से क्या लाभ है ?
उत्तर – यदि हम इस बात को सदा याद रखे कि परमेश्वर सब जगह है, सब कुछ जानता है तो मनुष्य के अंदर बुरे विचार नहीं आ सकते, वह बुरा करम नही कर सकता, क्योंकि उसका निवास सरे संसार में है ।

प्रश्न – ईश्वर सगुण है वा निर्गुण?
उत्तर – ईश्वर गुणों से सहित सर्वव्यापकता, सर्वशक्तिमान कवि आदि से वह सगुण और जो गुणों से रहित वह निर्गुण कहाता है ।

ईश्वर क्या है? Part 2

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