What is God? By Astrologer Vinod Kumar – Part 2

ईश्वर क्या है? By Vashikaran Specialist Astrologer Vinod Kumar – Part 2

प्रश्न – ओम का क्या अर्थ है ?
उत्तर – ओम शब्द तीन अक्षरो से बना है । ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ । ‘अ’ का अर्थ है सृष्टिकर्ता, ‘उ’ का अर्थ है पालनकर्ता और ‘म’ का अर्थ है संहारकर्ता । इस प्रकार ओम शब्द ऐसा है, जिसमे ईश्वर के तीनो मुख्य गुण आ जाते है । यह परमात्मा का परमोत्तम नाम है ।

प्रश्न – ईश्वर न्याय किस प्रकार करता है ?
उत्तर – ईश्वर हम सबके कर्मो को देखता है । उससे कुछ भी छिपा नहीं है । हम जैसे कर्म करते है, वैसा ही वह फल देता है । अच्छे कर्मो का फल सुख और बुरे कर्मो का फल दुःख होता है । इस प्रकार ईश्वर न्याय करता है ।

प्रश्न – हमें ईश्वर की भक्ति, स्तुति या उपासना क्यों करनी चाहिए?
उत्तर – हमे ईश्वर की भक्ति इसलिए करनी चाहिए, क्योंकि हमारा कर्तव्य बनता है कि किसी से कुछ प्राप्त करने पर उसका धन्यवाद् करे । ईश्वर ने हमे सब कुछ दिया है । उसने हमें आँखे, कान, हाथ, पैर आदि ऐसी अनमोल चीज़े दी जिन्हें दुनिया का कोई भी व्यक्ति नहीं दे सकता । इसलिए हमे भक्ति के रूप में उसका धन्यवाद् करना चाहिए । उसकी भक्ति, स्तुति और उपासना से अन्य भी लाभ होते है,
जैसे -1. बुराइयां दूर होती है । आत्मा पापो से मुक्त हो जाती है और आत्मिक शक्ति बढ़ती है ।
2. मन पवित्र और शांत होता है ।
3. आज मेडिकल साइंस ने भी प्रमाणित किया है कि प्रभु भक्ति से मन की जो शांति और एकाग्रता होती है, उससे केवल हृदय रोग और मानसिक रोग ही दूर नही होते अपितु और भी कई प्रकार के रोगों में यह बहुत लाभदायक है।

प्रश्न – ईश्वर की भक्ति कैसे करे ?
उत्तर – ईश्वर की भक्ति जल, फूल, फल, प्रसाद आदि चढ़ाकर नहीं, बल्कि प्रत्युत मन से उसका ध्यान करके एवं उसकी आज्ञायों का पालन करते हुए भक्ति करनी चाहिए । उसे हमेशा याद करते हुए ईमानदारी से कर्तव्य-कर्मो को करना तथा दुखियो की सेवा करना भी उसकी भक्ति ही है ।

ईश्वर क्या है? – Part 1

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